अतरंगी रे मूवी रिव्यु | Atrangi Re Movie Review in Hindi

लंबे इंतजार के बाद सुपरस्‍टार अक्षय कुमार, धनुष और सारा अली खान स्‍टारर 'अतरंगी रे' रिलीज हो चुकी है और काम की बात ये है कि इस फ‍िल्‍म को देखने के लिए आपको सिनेमाघर का रुख करने की जरूरत नहीं है।

आप अपने मोबाइल पर Disney Plus Hotstar ऐप पर इस फ‍िल्‍म को देख सकते हैं। आनंद एल राय ने बेहद खूबसूरती के साथ इस प्रेम त्रिकोण को सतरंगी अंदाज में पेश किया है।

आखिरी बार शाहरुख खान की जीरो से लड़खड़ा चुके आनंद को इस फ‍िल्‍म ने पुन: खड़ा कर दिया है। अतरंगी रे में रोमांस, इमोशन और ड्रामा भरपूर है। कहा जा सकता है कि बेहद समझदारी के साथ एक कंपलीट मनोरंजन देने वाली फ‍िल्‍म तैयार की गई है।

फ‍िल्‍म की कहानी का केंद्र सारा अली खान हैं और अक्षय एवं धनुष फ‍िल्‍म का हिस्‍सा हैं। ये कहानी पूरी तरह से सारा की ही कहानी है। बिहार की बिंदास लड़की रिंकू सूर्यवंशी (सारा अली खान) के मां बाप नहीं है और उसे नानी-मामा ने पाला है।

24 साल की उम्र तक वो अपने प्रेमी पेशे से जादूगर सज्जाद अली (अक्षय कुमार) के साथ एक नहीं बल्कि कई बार घर से भाग चुकी है और हर बार पकड़ी गई।

इसके बाद रिंकू की हरकतों से परेशान नानी (सीमा बिस्वास) और उसके मामा उसको नशीली दवा की डोज देकर तमिल भाषी विष्णु (धनुष) से उसका पकड़वा विवाह करवा देते हैं। तमिल भाषी विष्णु (धनुष) दिल्ली में MBBS की पढ़ाई कर रहा है और इसी हफ्ते में अपनी प्रेमिका से उसकी सगाई होने वाली है।

शादी के बाद रिंकू को साथ लेकर दिल्ली लौटते हुए विष्णु बताता है कि दो दिन बाद उसकी सगाई होने वाली है। रिंकू भी उसे बताती है कि वह भी सज्‍जाद से प्‍यार करती है।

तय होता है कि विष्णु शादी कर ले तो दोनों अपने-अपने रास्तों पर निकल जाएंगे और अपने अपने पसंद के साथियों संग शादी कर लेंगे। बस यहीं से आता है फ‍िल्‍म में ट्विस्‍ट और अतरंगी रे की कहानी सतरंगी होते हुए आगे बढ़ती है।

जहां तक अभिनय की बात है तो अक्षय कुमार ने अपने किरदार को बखूबी समझा और बेहतरीन तरीके से निभाया है। वहीं धनुष तो लाजवाब हैं ही। उनकी कॉमिक टाइमिंग और एक्‍सप्रेशन का कोई मुकाबला नहीं।

उन्‍होंने वही 'रांझणा' वाले कुंदन की याद दिलाई जो धीमे-धीमे हिंदी बोलता है। वहीं सारा अली खान इतनी बिंदास लगी हैं और 'चमेली की शादी ' की चमेली और 'मर्द' की रुबिया यानि अपनी मां को जबरदस्‍त टक्‍कर देती हैं।

बिंदास अंदाज, बेपरवाह सी लड़की जिसे घरवालों की किसी भी धमकी से डर नहीं लगता। धनुष के दोस्त के रूप में आशीष वर्मा ने भी रंग जमाया है।

हालांकि इस फ‍िल्‍म की कहानी कैसी भी हो, लेकिन इसकी आत्मा इसका संगीत है। फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष है ए आर रहमान का म्यूजिक और इरशाद कामिल के गीत। दलेर मेहंदी को ‘गरदा’ और श्रेया घोषाल को ‘चका चक’ गाने में सुनना मजेदार है।

अरिजीत और साशा ने ‘रेत जरा सी’ गाने में जान फूंकी है तो राशिद अली की आवाज ‘तूफान की सर्दी’ भी जबरदस्‍त है। ए आर रहमान की खास बात ये ही है कि जब फिल्म की कहानी अलग अलग हिस्‍सों में जा रही हो तो वे संगीत को भी उसी क्षेत्र की यात्रा साथ कराते हैं।

अतरंगी रे एक मजबूत पक्ष और है जो सबसे अहम है- कॉस्ट्यूम। सितारों ने कॉस्ट्यूम पहनी हैं वो वो इस फ‍िल्‍म को स्‍क्रीन पर खिलाने का काम करती हैं। सैट डिजाइनर और प्रोडक्शन टीम की तारीफ बनती है। कहानी में लव जेहाद से लेकर ऑनर किलिंग तक का तड़का लगाया गया है। कुल मिलाकर ये फ‍िल्‍म देखी जाने वाली है।